हिंदू त्योहार 2027
साल भर के सारे त्योहार, एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष और संक्रांति — आपके शहर के हिसाब से, और हर तिथि के शुरू व ख़त्म होने के सटीक समय के साथ।

जनवरी 2027
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लोहड़ी
मकर संक्रांति से पहले की रात, पंजाब और उत्तर भारत में अलाव के साथ।
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मकर संक्रांति
सूर्य का मकर राशि में प्रवेश। तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात में उत्तरायण, उत्तर भारत में खिचड़ी।
फ़रवरी 2027
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वसंत पंचमी
माघ शुक्ल पंचमी, वसंत का आगमन; सरस्वती की आराधना।
मार्च 2027
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होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या का दहन, सूर्यास्त के बाद और भद्रा के बाहर।
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होली
रंगों का त्योहार, होलिका दहन के अगले दिन।
अप्रैल 2027
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गुड़ी पड़वा / उगादि
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, हिंदू नववर्ष: महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, दक्षिण में उगादि।
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चैत्र नवरात्रि आरंभ
वसंत में देवी की नौ रातें, घटस्थापना से आरंभ।
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बैसाखी
सूर्य का मेष में प्रवेश; पंजाब का फ़सल उत्सव और कई क्षेत्रों का सौर नववर्ष।
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राम नवमी
श्रीराम का जन्मोत्सव, चैत्र शुक्ल नवमी, मध्याह्न में।
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महावीर जयंती
भगवान महावीर का जन्मोत्सव, चैत्र शुक्ल त्रयोदशी।
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हनुमान जयंती
चैत्र पूर्णिमा, उत्तर भारत में हनुमान जी का जन्मोत्सव।
मई 2027
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अक्षय तृतीया
वैशाख शुक्ल तृतीया। परंपरा में इस दिन नया काम अलग मुहूर्त देखे बिना शुरू किया जाता है।
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बुद्ध पूर्णिमा
वैशाख पूर्णिमा: बुद्ध का जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण।
जून 2027
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वट सावित्री व्रत
ज्येष्ठ अमावस्या। सुहागिन स्त्रियाँ व्रत रखकर वट वृक्ष की आराधना करती हैं।
जुलाई 2027
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जगन्नाथ रथ यात्रा
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया, पुरी की रथ यात्रा।
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गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा, गुरुओं के सम्मान का दिन; व्यास पूर्णिमा भी।
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सावन सोमवार · 1वाँ सोमवार
श्रावण (उत्तर भारतीय गणना) के सोमवार, शिव के लिए।
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सावन सोमवार · 2वाँ सोमवार
श्रावण (उत्तर भारतीय गणना) के सोमवार, शिव के लिए।
अगस्त 2027
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सावन सोमवार · 3वाँ सोमवार
श्रावण (उत्तर भारतीय गणना) के सोमवार, शिव के लिए।
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हरियाली तीज
श्रावण शुक्ल तृतीया, उत्तर भारत की सावन की तीज।
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नाग पंचमी
श्रावण शुक्ल पंचमी; नाग देवता का सम्मान।
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सावन सोमवार · 4वाँ सोमवार
श्रावण (उत्तर भारतीय गणना) के सोमवार, शिव के लिए।
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सावन सोमवार · 5वाँ सोमवार
श्रावण (उत्तर भारतीय गणना) के सोमवार, शिव के लिए।
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रक्षा बंधन
श्रावण पूर्णिमा। राखी पूर्णिमा के अपराह्न में, भद्रा के बाहर बाँधी जाती है।
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कृष्ण जन्माष्टमी
श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, मध्यरात्रि में।
सितंबर 2027
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हरतालिका तीज
भाद्रपद शुक्ल तृतीया, शिव-पार्वती के लिए स्त्रियों का व्रत।
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गणेश चतुर्थी
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी, गणेश जन्मोत्सव, मध्याह्न में। दस दिन अनंत चतुर्दशी पर पूरे होते हैं।
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अनंत चतुर्दशी
भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी, गणेश विसर्जन का दिन।
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सर्व पितृ अमावस्या
पितृ पक्ष का अंतिम दिन, सभी पितरों के श्राद्ध के लिए।
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शारदीय नवरात्रि आरंभ
शरद ऋतु में देवी की नौ रातें, घटस्थापना से आरंभ।
अक्तूबर 2027
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दुर्गा अष्टमी
शारदीय नवरात्रि का आठवाँ दिन। तिथि दो दिन सूर्योदय के समय रहती है। ज़्यादातर पंचांगों (स्मार्त) की तरह पहला दिन दिखाया गया है; वैष्णव (इस्कॉन) परंपरा में यह अगले दिन हो सकती है।
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महानवमी
शारदीय नवरात्रि का नौवाँ दिन।
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दशहरा (विजयादशमी)
आश्विन शुक्ल दशमी, रावण पर राम की विजय, अपराह्न में।
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शरद पूर्णिमा
आश्विन पूर्णिमा, साल की सबसे उजली पूर्णिमा; खीर चाँदनी में रखी जाती है।
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करवा चौथ
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी। सुहागिन स्त्रियाँ सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं।
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अहोई अष्टमी
कार्तिक कृष्ण अष्टमी। माताएँ संध्या में तारे दिखने तक व्रत रखती हैं।
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धनतेरस
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी, दीपावली का पहला दिन, संध्या में।
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नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी, दीपावली से एक दिन पहले; संध्या में यम दीप जलाया जाता है।
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दीपावली
कार्तिक अमावस्या। लक्ष्मी पूजन संध्या के प्रदोष काल में, जब अमावस्या हो।
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गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा, दीपावली के अगले दिन।
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भाई दूज
कार्तिक शुक्ल द्वितीया; बहनें भाइयों का तिलक करती हैं, अपराह्न में।
नवंबर 2027
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छठ (संध्या अर्घ्य)
कार्तिक शुक्ल षष्ठी: डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य। उगते सूर्य का अर्घ्य अगले दिन।
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तुलसी विवाह
कार्तिक शुक्ल द्वादशी, तुलसी और शालिग्राम का विवाह, देवउठनी एकादशी के अगले दिन।
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कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली)
कार्तिक पूर्णिमा: वाराणसी की देव दीपावली, और गुरु नानक जयंती।
दिसंबर 2027
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विवाह पंचमी
मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी, राम-सीता विवाह।
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गीता जयंती
मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (मोक्षदा), जिस दिन भगवद्गीता कही गई।
New Delhi, India के लिए तारीख़ और समय।
दूसरे शहर में, और दूसरे देश में तो अक्सर, कोई त्योहार अलग दिन पड़ सकता है: तिथि हर जगह एक ही क्षण बदलती है, पर सूर्योदय नहीं।
ये तारीख़ें कैसे निकलती हैं: साल की हर तिथि सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश) से निकाली जाती है, साथ में वह किस चांद्र मास की है; अधिक मास भी इसी तरह पता चलता है। हर त्योहार उस दिन रखा जाता है जिस दिन उसकी तिथि दिन के उस भाग में हो जो परंपरा बताती है — ज़्यादातर के लिए सूर्योदय, दीपावली और प्रदोष के लिए संध्या, जन्माष्टमी और शिवरात्रि के लिए मध्यरात्रि, राम नवमी और गणेश चतुर्थी के लिए मध्याह्न, दशहरा और भाई दूज के लिए अपराह्न, करवा चौथ और संकष्टी के लिए चंद्रोदय। महीनों के नाम उत्तर भारतीय (पूर्णिमांत) पंचांग के हैं; गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण के अमांत पंचांग में कृष्ण पक्ष पिछले महीने का गिना जाता है।
यह क्या है
यह कैलेंडर किसी छपी सूची से नकल नहीं है। साल की हर तिथि सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, उसके शुरू और ख़त्म होने के क्षण के साथ, निकाली जाती है, और हर त्योहार उस दिन रखा जाता है जिस दिन परंपरा उसे मनाती है: ज़्यादातर के लिए सूर्योदय की तिथि, दीपावली, धनतेरस और प्रदोष के लिए संध्या की, जन्माष्टमी और शिवरात्रि के लिए मध्यरात्रि की, करवा चौथ और संकष्टी के लिए चंद्रोदय की।
सूर्योदय और चंद्रोदय जगह के साथ बदलते हैं, इसलिए तारीख़ें आपके अपने शहर के लिए निकाली जाती हैं। ऊपर अपना शहर चुनें; डिफ़ॉल्ट नई दिल्ली है। एकादशी स्मार्त नियम से है, जो ज़्यादातर पंचांग मानते हैं; जहाँ वैष्णव परंपरा अलग हो सकती है, वहाँ लिखा है।
सामान्य प्रश्न
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मेरे घर के पंचांग में त्योहार अलग दिन क्यों है? उत्तर देखिए
अक्सर जगह या नियम के कारण। तिथि हर जगह एक ही क्षण बदलती है, पर सूर्योदय नहीं, इसलिए बहुत पूर्व या पश्चिम का शहर एक दिन का अंतर रख सकता है। कुछ परिवार अलग नियम मानते हैं — वैष्णव एकादशी, या रक्षा बंधन में भद्रा। हर प्रविष्टि के साथ दिए तिथि के समय से साफ़ दिखता है कि दिन की सीमा कहाँ पड़ती है।
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अधिक मास क्या है? उत्तर देखिए
ऐसा चांद्र मास जिसमें सूर्य किसी नई राशि में प्रवेश नहीं करते। यह लगभग हर तीन साल में आता है और चांद्र कैलेंडर को ऋतुओं के साथ रखता है। इसमें त्योहार नहीं मनाए जाते; अधिक मास की एकादशियों के अपने नाम हैं, पद्मिनी और परमा।
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एकादशी उसी दिन है जिस दिन शुरू होती है या अगले दिन? उत्तर देखिए
उस दिन जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो। अगर दो सूर्योदयों पर हो, तो ज़्यादातर पंचांग पहला दिन मानते हैं; वैष्णव (इस्कॉन) परंपरा दूसरा मान सकती है।