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संपत्ति ख़रीद मुहूर्त 2027

आपके शहर के लिए आज का चौघड़िया, राहु काल और अभिजीत मुहूर्त, और साल के वे दिन जो विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति के शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं।

मुहूर्त लिखा कार्ड और पीतल का कलश

2027 में मुहूर्त की तारीख़ें

2027 में 89 दिन · New Delhi, India

जनवरी 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
14 जन॰ गुरु 23:19 – 07:16 (15 जन॰) रेवती शुक्ल सप्तमी
15 जन॰ शुक्र 07:16 – 14:13 रेवती शुक्ल सप्तमी
20 जन॰ बुध 07:15 – 16:17 मृगशिरा शुक्ल त्रयोदशी
21 जन॰ गुरु 21:30 – 07:14 (22 जन॰) पुनर्वसु पूर्णिमा
22 जन॰ शुक्र 07:14 – 10:25 पुनर्वसु पूर्णिमा
25 जन॰ सोम 07:13 – 08:10 पूर्वा फाल्गुनी कृष्ण तृतीया

फ़रवरी 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
3 फ़र॰ बुध 07:09 – 07:08 (4 फ़र॰) मूला कृष्ण द्वादशी
4 फ़र॰ गुरु 07:08 – 15:32 पूर्वाषाढ़ा कृष्ण त्रयोदशी
8 फ़र॰ सोम 01:57 (9 फ़र॰) – 07:05 (9 फ़र॰) पूर्वा भाद्रपदा शुक्ल तृतीया
10 फ़र॰ बुध 04:56 (11 फ़र॰) – 07:04 (11 फ़र॰) रेवती शुक्ल पंचमी
11 फ़र॰ गुरु 07:04 – 05:42 (12 फ़र॰) रेवती शुक्ल पंचमी
15 फ़र॰ सोम 03:25 (16 फ़र॰) – 07:00 (16 फ़र॰) मृगशिरा शुक्ल दशमी
17 फ़र॰ बुध 23:29 – 06:58 (18 फ़र॰) पुनर्वसु शुक्ल द्वादशी
18 फ़र॰ गुरु 06:58 – 21:06 पुनर्वसु शुक्ल द्वादशी
22 फ़र॰ सोम 06:54 – 11:55 पूर्वा फाल्गुनी कृष्ण द्वितीया
26 फ़र॰ शुक्र 10:13 – 06:49 (27 फ़र॰) विशाखा कृष्ण षष्ठी

मार्च 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
1 मार्च सोम 02:07 (2 मार्च) – 06:46 (2 मार्च) मूला कृष्ण दशमी
3 मार्च बुध 06:45 – 22:34 पूर्वाषाढ़ा कृष्ण एकादशी
8 मार्च सोम 14:59 – 06:39 (9 मार्च) पूर्वा भाद्रपदा शुक्ल प्रतिपदा
10 मार्च बुध 10:52 – 06:37 (11 मार्च) रेवती शुक्ल द्वितीया
11 मार्च गुरु 06:37 – 11:20 रेवती शुक्ल तृतीया

अप्रैल 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
15 अप्रैल गुरु 13:21 – 05:56 (16 अप्रैल) आश्लेषा शुक्ल दशमी
16 अप्रैल शुक्र 05:56 – 05:55 (17 अप्रैल) आश्लेषा शुक्ल दशमी
21 अप्रैल बुध 04:44 (22 अप्रैल) – 05:50 (22 अप्रैल) विशाखा कृष्ण द्वितीया
22 अप्रैल गुरु 05:50 – 05:49 (23 अप्रैल) विशाखा कृष्ण द्वितीया
23 अप्रैल शुक्र 05:49 – 04:21 (24 अप्रैल) अनुराधा कृष्ण तृतीया
26 अप्रैल सोम 05:46 – 05:45 (27 अप्रैल) मूला कृष्ण पंचमी

मई 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
3 मई सोम 03:19 (4 मई) – 05:39 (4 मई) रेवती कृष्ण त्रयोदशी
10 मई सोम 18:08 – 05:34 (11 मई) पुनर्वसु शुक्ल पंचमी
12 मई बुध 14:56 – 23:13 आश्लेषा शुक्ल सप्तमी
14 मई शुक्र 19:39 – 05:31 (15 मई) पूर्वा फाल्गुनी शुक्ल दशमी
19 मई बुध 16:03 – 05:29 (20 मई) विशाखा पूर्णिमा
20 मई गुरु 05:29 – 05:28 (21 मई) विशाखा पूर्णिमा
21 मई शुक्र 05:28 – 14:51 अनुराधा कृष्ण प्रतिपदा
31 मई सोम 12:35 – 05:24 (1 जून) रेवती कृष्ण एकादशी

जून 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
7 जून सोम 05:24 – 15:26 पुनर्वसु शुक्ल तृतीया
9 जून बुध 05:23 – 05:23 (10 जून) आश्लेषा शुक्ल पंचमी
10 जून गुरु 05:23 – 05:14 (11 जून) मघा शुक्ल षष्ठी
16 जून बुध 05:24 – 03:20 (17 जून) विशाखा शुक्ल त्रयोदशी
18 जून शुक्र 23:40 – 05:24 (19 जून) मूला पूर्णिमा
25 जून शुक्र 17:07 – 05:26 (26 जून) पूर्वा भाद्रपदा कृष्ण षष्ठी

जुलाई 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
5 जुल॰ सोम 05:29 – 09:19 पुनर्वसु शुक्ल द्वितीया
7 जुल॰ बुध 18:44 – 05:30 (8 जुल॰) मघा शुक्ल पंचमी
8 जुल॰ गुरु 05:30 – 00:18 (9 जुल॰) पूर्वा फाल्गुनी शुक्ल पंचमी
12 जुल॰ सोम 23:56 – 05:33 (13 जुल॰) विशाखा शुक्ल दशमी
14 जुल॰ बुध 05:33 – 03:18 (15 जुल॰) अनुराधा शुक्ल एकादशी
16 जुल॰ शुक्र 05:39 – 16:35 मूला शुक्ल त्रयोदशी
23 जुल॰ शुक्र 06:56 – 01:53 (24 जुल॰) पूर्वा भाद्रपदा कृष्ण पंचमी
29 जुल॰ गुरु 03:28 (30 जुल॰) – 05:42 (30 जुल॰) मृगशिरा कृष्ण एकादशी
30 जुल॰ शुक्र 05:42 – 01:24 (31 जुल॰) मृगशिरा कृष्ण द्वादशी

अगस्त 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
2 अग॰ सोम 17:09 – 05:44 (3 अग॰) आश्लेषा शुक्ल प्रतिपदा
4 अग॰ बुध 05:45 – 05:09 (5 अग॰) मघा शुक्ल द्वितीया
11 अग॰ बुध 05:49 – 09:14 अनुराधा शुक्ल दशमी
12 अग॰ गुरु 11:34 – 05:50 (13 अग॰) मूला शुक्ल एकादशी
13 अग॰ शुक्र 05:50 – 05:50 (14 अग॰) मूला शुक्ल द्वादशी
19 अग॰ गुरु 05:53 – 05:53 (20 अग॰) पूर्वा भाद्रपदा कृष्ण द्वितीया
20 अग॰ शुक्र 05:53 – 07:39 पूर्वा भाद्रपदा कृष्ण तृतीया
26 अग॰ गुरु 17:39 – 05:57 (27 अग॰) मृगशिरा कृष्ण दशमी
27 अग॰ शुक्र 05:57 – 10:22 मृगशिरा कृष्ण दशमी

सितंबर 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
1 सित॰ बुध 06:00 – 19:48 पूर्वा फाल्गुनी शुक्ल प्रतिपदा
6 सित॰ सोम 06:02 – 06:02 (7 सित॰) विशाखा शुक्ल षष्ठी
9 सित॰ गुरु 14:39 – 06:04 (10 सित॰) मूला शुक्ल दशमी
10 सित॰ शुक्र 06:04 – 23:50 पूर्वाषाढ़ा शुक्ल दशमी

अक्तूबर 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
4 अक्तू॰ सोम 06:16 – 00:44 (5 अक्तू॰) अनुराधा शुक्ल पंचमी
6 अक्तू॰ बुध 06:17 – 04:13 (7 अक्तू॰) मूला शुक्ल सप्तमी
13 अक्तू॰ बुध 06:21 – 17:48 पूर्वा भाद्रपदा शुक्ल त्रयोदशी
14 अक्तू॰ गुरु 22:30 – 06:22 (15 अक्तू॰) रेवती पूर्णिमा
15 अक्तू॰ शुक्र 06:22 – 23:29 रेवती पूर्णिमा
20 अक्तू॰ बुध 06:25 – 22:30 मृगशिरा कृष्ण पंचमी
21 अक्तू॰ गुरु 21:32 – 06:27 (22 अक्तू॰) पुनर्वसु कृष्ण सप्तमी
22 अक्तू॰ शुक्र 06:27 – 11:56 पुनर्वसु कृष्ण सप्तमी
25 अक्तू॰ सोम 06:28 – 06:29 (26 अक्तू॰) मघा कृष्ण एकादशी

नवंबर 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
1 नव॰ सोम 06:33 – 09:57 अनुराधा शुक्ल तृतीया
3 नव॰ बुध 06:35 – 06:36 (4 नव॰) मूला शुक्ल पंचमी
4 नव॰ गुरु 06:36 – 15:25 पूर्वाषाढ़ा शुक्ल षष्ठी
8 नव॰ सोम 03:14 (9 नव॰) – 06:39 (9 नव॰) पूर्वा भाद्रपदा शुक्ल दशमी
11 नव॰ गुरु 07:01 – 06:42 (12 नव॰) रेवती शुक्ल द्वादशी
12 नव॰ शुक्र 06:42 – 07:55 रेवती शुक्ल त्रयोदशी
17 नव॰ बुध 03:18 (18 नव॰) – 06:46 (18 नव॰) पुनर्वसु कृष्ण पंचमी
18 नव॰ गुरु 06:46 – 01:52 (19 नव॰) पुनर्वसु कृष्ण पंचमी
19 नव॰ शुक्र 00:27 (20 नव॰) – 06:48 (20 नव॰) आश्लेषा कृष्ण सप्तमी
22 नव॰ सोम 15:28 – 20:43 पूर्वा फाल्गुनी कृष्ण दशमी
29 नव॰ सोम 19:47 – 06:56 (30 नव॰) मूला शुक्ल द्वितीया

दिसंबर 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
1 दिस॰ बुध 06:57 – 11:39 पूर्वाषाढ़ा शुक्ल तृतीया
8 दिस॰ बुध 16:13 – 07:03 (9 दिस॰) रेवती शुक्ल दशमी
9 दिस॰ गुरु 07:03 – 17:27 रेवती शुक्ल एकादशी
13 दिस॰ सोम 15:15 – 07:06 (14 दिस॰) मृगशिरा पूर्णिमा
15 दिस॰ बुध 11:21 – 07:07 (16 दिस॰) पुनर्वसु कृष्ण द्वितीया
16 दिस॰ गुरु 07:07 – 09:13 पुनर्वसु कृष्ण तृतीया

छोड़ी गई अवधियाँ

  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 16 दिस॰ 2026 – 14 जन॰ 2027
  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027
  • होलाष्टक 15 मार्च 2027 – 22 मार्च 2027
  • पितृ पक्ष 15 सित॰ 2027 – 30 सित॰ 2027
  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 16 दिस॰ 2027 – 15 जन॰ 2028

कौन-से नियम लिए गए

नक्षत्र मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, विशाखा, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, पूर्वा भाद्रपद और रेवती; चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या छोड़कर कोई भी तिथि; सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार।

ये वे दिन हैं जिनके नक्षत्र, तिथि और वार ऊपर दिए शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं, उन अवधियों के बाहर जिनमें यह काम परंपरा से नहीं किया जाता। ग्रंथों और क्षेत्रों में नियम अलग-अलग हैं। आपके अपने काम का मुहूर्त आपकी कुंडली — और विवाह में दोनों की कुंडली — और उस क्षण का लग्न भी देखता है; सटीक समय कोई ज्योतिषी चुन सकता है।

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दूसरा स्थान

त्योहार और व्रत कैलेंडर पंचांग

यह क्या है

मुहूर्त वह समय है जिसे कोई काम शुरू करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस पेज के काल — चौघड़िया, राहु काल, यमगंड, गुलिक, अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त — दिन और रात के तय हिस्से हैं, जो आपके शहर के वास्तविक सूर्योदय और सूर्यास्त से नापे जाते हैं, इसलिए ये हर दिन और हर शहर में बदलते हैं।

विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति की तारीख़ें साल के हर दिन पर नक्षत्र, तिथि और वार के शास्त्रीय नियम लगाती हैं, और खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष, होलाष्टक और गुरु या शुक्र के अस्त होने के हफ़्ते छोड़ देती हैं। ये नियम पर खरे दिन बताती हैं, किसी एक व्यक्ति के लिए चुना गया समय नहीं।

सामान्य प्रश्न

  • राहु काल क्या है? उत्तर देखिए

    दिन का आठवाँ भाग, हर वार को अलग, जिसे परंपरा नया काम शुरू करने में छोड़ देती है। यह आपके स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से नापा जाता है, इसलिए हर शहर और हर दिन एक ही समय नहीं होता।

  • चौघड़िया क्या है? उत्तर देखिए

    दिन और रात दोनों लगभग डेढ़-डेढ़ घंटे के आठ भागों में बँटते हैं। हर भाग का नाम — अमृत, शुभ, लाभ, चर, रोग, काल या उद्वेग — वार से तय होता है। गुजरात और उत्तर भारत में यात्रा, व्यापार या ख़रीद का समय चुनने में इसका आम उपयोग है।

  • क्या इस सूची की तारीख़ मेरी शादी का मुहूर्त है? उत्तर देखिए

    यह ऐसा दिन है जो सामान्य नियमों पर खरा उतरता है। शादी का मुहूर्त दोनों की कुंडली भी देखता है — हर व्यक्ति के लिए चंद्रमा का बल और उस क्षण का लग्न — जो केवल आपकी कुंडली देखने वाला ज्योतिषी कर सकता है।

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