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संपत्ति ख़रीद मुहूर्त 2028

आपके शहर के लिए आज का चौघड़िया, राहु काल और अभिजीत मुहूर्त, और साल के वे दिन जो विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति के शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं।

मुहूर्त लिखा कार्ड और पीतल का कलश

2028 में मुहूर्त की तारीख़ें

2028 में 79 दिन · New Delhi, India

जनवरी 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
20 जन॰ गुरु 12:04 – 07:15 (21 जन॰) विशाखा कृष्ण दशमी
21 जन॰ शुक्र 07:15 – 07:14 (22 जन॰) अनुराधा कृष्ण दशमी
24 जन॰ सोम 07:14 – 16:09 मूला कृष्ण त्रयोदशी

फ़रवरी 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
2 फ़र॰ बुध 07:10 – 09:58 रेवती शुक्ल षष्ठी
7 फ़र॰ सोम 07:07 – 11:09 मृगशिरा शुक्ल एकादशी
9 फ़र॰ बुध 04:03 (10 फ़र॰) – 07:04 (10 फ़र॰) आश्लेषा पूर्णिमा
10 फ़र॰ गुरु 07:04 – 07:04 (11 फ़र॰) आश्लेषा पूर्णिमा
11 फ़र॰ शुक्र 07:04 – 07:03 (12 फ़र॰) मघा कृष्ण प्रतिपदा
16 फ़र॰ बुध 12:26 – 01:46 (17 फ़र॰) विशाखा कृष्ण सप्तमी
21 फ़र॰ सोम 06:55 – 19:53 पूर्वाषाढ़ा कृष्ण द्वादशी
28 फ़र॰ सोम 13:39 – 23:02 रेवती शुक्ल तृतीया

अप्रैल 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
14 अप्रैल शुक्र 06:29 – 05:56 (15 अप्रैल) मूला कृष्ण पंचमी
20 अप्रैल गुरु 21:22 – 05:50 (21 अप्रैल) पूर्वा भाद्रपदा कृष्ण द्वादशी
21 अप्रैल शुक्र 05:50 – 00:08 (22 अप्रैल) पूर्वा भाद्रपदा कृष्ण द्वादशी
28 अप्रैल शुक्र 00:47 (29 अप्रैल) – 05:43 (29 अप्रैल) मृगशिरा शुक्ल पंचमी

मई 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
1 मई सोम 05:41 – 06:42 पुनर्वसु शुक्ल सप्तमी
3 मई बुध 16:41 – 05:38 (4 मई) मघा शुक्ल दशमी
4 मई गुरु 05:38 – 01:01 (5 मई) पूर्वा फाल्गुनी शुक्ल दशमी
8 मई सोम 17:42 – 05:35 (9 मई) विशाखा पूर्णिमा
10 मई बुध 05:34 – 15:53 अनुराधा कृष्ण द्वितीया
11 मई गुरु 15:55 – 21:52 मूला कृष्ण तृतीया
12 मई शुक्र 22:08 – 05:32 (13 मई) पूर्वाषाढ़ा कृष्ण पंचमी
18 मई गुरु 07:56 – 05:29 (19 मई) पूर्वा भाद्रपदा कृष्ण दशमी
19 मई शुक्र 05:29 – 07:53 पूर्वा भाद्रपदा कृष्ण दशमी
25 मई गुरु 14:38 – 05:26 (26 मई) मृगशिरा शुक्ल द्वितीया
26 मई शुक्र 05:26 – 14:07 मृगशिरा शुक्ल द्वितीया
29 मई सोम 11:05 – 05:25 (30 मई) आश्लेषा शुक्ल षष्ठी

जून 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
5 जून सोम 05:24 – 13:49 विशाखा शुक्ल त्रयोदशी
7 जून बुध 00:48 (8 जून) – 05:23 (8 जून) मूला कृष्ण प्रतिपदा
8 जून गुरु 05:23 – 05:23 (9 जून) मूला कृष्ण प्रतिपदा
9 जून शुक्र 05:23 – 02:52 (10 जून) पूर्वाषाढ़ा कृष्ण द्वितीया
14 जून बुध 13:02 – 20:46 पूर्वा भाद्रपदा कृष्ण सप्तमी
16 जून शुक्र 01:01 (17 जून) – 05:24 (17 जून) रेवती कृष्ण दशमी
23 जून शुक्र 21:05 – 05:25 (24 जून) पुनर्वसु शुक्ल प्रतिपदा
26 जून सोम 14:17 – 05:26 (27 जून) आश्लेषा शुक्ल पंचमी
28 जून बुध 05:27 – 12:23 पूर्वा फाल्गुनी शुक्ल षष्ठी

जुलाई 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
3 जुल॰ सोम 05:28 – 05:29 (4 जुल॰) विशाखा शुक्ल द्वादशी
5 जुल॰ बुध 23:04 – 05:30 (6 जुल॰) मूला पूर्णिमा
6 जुल॰ गुरु 05:30 – 05:30 (7 जुल॰) मूला पूर्णिमा
7 जुल॰ शुक्र 05:30 – 10:42 पूर्वाषाढ़ा कृष्ण प्रतिपदा
12 जुल॰ बुध 05:33 – 23:42 पूर्वा भाद्रपदा कृष्ण पंचमी
13 जुल॰ गुरु 02:33 (14 जुल॰) – 05:34 (14 जुल॰) रेवती कृष्ण सप्तमी
14 जुल॰ शुक्र 05:34 – 13:31 रेवती कृष्ण सप्तमी
19 जुल॰ बुध 08:56 – 05:37 (20 जुल॰) मृगशिरा कृष्ण द्वादशी
20 जुल॰ गुरु 05:37 – 08:08 मृगशिरा कृष्ण त्रयोदशी
24 जुल॰ सोम 05:39 – 22:53 मघा शुक्ल तृतीया
31 जुल॰ सोम 05:43 – 13:22 अनुराधा शुक्ल दशमी

अगस्त 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
2 अग॰ बुध 05:44 – 05:45 (3 अग॰) मूला शुक्ल द्वादशी
3 अग॰ गुरु 05:45 – 10:25 पूर्वाषाढ़ा शुक्ल त्रयोदशी
7 अग॰ सोम 03:38 (8 अग॰) – 05:47 (8 अग॰) पूर्वा भाद्रपदा कृष्ण तृतीया
10 अग॰ गुरु 09:36 – 05:49 (11 अग॰) रेवती कृष्ण पंचमी
11 अग॰ शुक्र 05:49 – 12:22 रेवती कृष्ण षष्ठी
16 अग॰ बुध 05:52 – 18:02 मृगशिरा कृष्ण एकादशी
17 अग॰ गुरु 17:00 – 05:53 (18 अग॰) पुनर्वसु कृष्ण द्वादशी
18 अग॰ शुक्र 05:53 – 15:18 पुनर्वसु कृष्ण त्रयोदशी
21 अग॰ सोम 05:54 – 04:34 (22 अग॰) मघा शुक्ल प्रतिपदा
25 अग॰ शुक्र 19:49 – 05:57 (26 अग॰) विशाखा शुक्ल षष्ठी
28 अग॰ सोम 19:46 – 05:58 (29 अग॰) मूला शुक्ल दशमी
30 अग॰ बुध 05:59 – 23:03 पूर्वाषाढ़ा शुक्ल एकादशी

सितंबर 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
22 सित॰ शुक्र 10:15 – 06:11 (23 सित॰) विशाखा शुक्ल पंचमी

अक्तूबर 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
4 अक्तू॰ बुध 06:16 – 00:28 (5 अक्तू॰) रेवती कृष्ण प्रतिपदा
9 अक्तू॰ सोम 08:16 – 06:20 (10 अक्तू॰) मृगशिरा कृष्ण षष्ठी
13 अक्तू॰ शुक्र 08:14 – 06:22 (14 अक्तू॰) आश्लेषा कृष्ण दशमी
19 अक्तू॰ गुरु 14:58 – 06:26 (20 अक्तू॰) विशाखा शुक्ल द्वितीया
20 अक्तू॰ शुक्र 06:26 – 23:32 विशाखा शुक्ल तृतीया
23 अक्तू॰ सोम 06:28 – 06:28 (24 अक्तू॰) मूला शुक्ल षष्ठी
30 अक्तू॰ सोम 04:20 (31 अक्तू॰) – 06:33 (31 अक्तू॰) रेवती शुक्ल त्रयोदशी

नवंबर 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
8 नव॰ बुध 06:39 – 15:03 पुनर्वसु कृष्ण षष्ठी
9 नव॰ गुरु 14:36 – 15:40 आश्लेषा कृष्ण सप्तमी
16 नव॰ गुरु 18:48 – 06:46 (17 नव॰) विशाखा शुक्ल प्रतिपदा
17 नव॰ शुक्र 06:46 – 22:02 अनुराधा शुक्ल प्रतिपदा
20 नव॰ सोम 13:07 – 21:19 पूर्वाषाढ़ा शुक्ल पंचमी
27 नव॰ सोम 11:51 – 06:55 (28 नव॰) रेवती शुक्ल एकादशी

दिसंबर 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
4 दिस॰ सोम 20:54 – 06:04 (5 दिस॰) पुनर्वसु कृष्ण तृतीया
6 दिस॰ बुध 19:59 – 07:02 (7 दिस॰) आश्लेषा कृष्ण पंचमी
7 दिस॰ गुरु 07:02 – 07:02 (8 दिस॰) आश्लेषा कृष्ण षष्ठी
8 दिस॰ शुक्र 07:02 – 00:09 (9 दिस॰) मघा कृष्ण सप्तमी
13 दिस॰ बुध 10:19 – 07:06 (14 दिस॰) विशाखा कृष्ण द्वादशी
14 दिस॰ गुरु 07:06 – 10:50 विशाखा कृष्ण त्रयोदशी

छोड़ी गई अवधियाँ

  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 16 दिस॰ 2027 – 15 जन॰ 2028
  • होलाष्टक 4 मार्च 2028 – 11 मार्च 2028
  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 14 मार्च 2028 – 13 अप्रैल 2028
  • पितृ पक्ष 3 सित॰ 2028 – 18 सित॰ 2028
  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 15 दिस॰ 2028 – 14 जन॰ 2029

कौन-से नियम लिए गए

नक्षत्र मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, विशाखा, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, पूर्वा भाद्रपद और रेवती; चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या छोड़कर कोई भी तिथि; सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार।

ये वे दिन हैं जिनके नक्षत्र, तिथि और वार ऊपर दिए शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं, उन अवधियों के बाहर जिनमें यह काम परंपरा से नहीं किया जाता। ग्रंथों और क्षेत्रों में नियम अलग-अलग हैं। आपके अपने काम का मुहूर्त आपकी कुंडली — और विवाह में दोनों की कुंडली — और उस क्षण का लग्न भी देखता है; सटीक समय कोई ज्योतिषी चुन सकता है।

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दूसरा स्थान

त्योहार और व्रत कैलेंडर पंचांग

यह क्या है

मुहूर्त वह समय है जिसे कोई काम शुरू करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस पेज के काल — चौघड़िया, राहु काल, यमगंड, गुलिक, अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त — दिन और रात के तय हिस्से हैं, जो आपके शहर के वास्तविक सूर्योदय और सूर्यास्त से नापे जाते हैं, इसलिए ये हर दिन और हर शहर में बदलते हैं।

विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति की तारीख़ें साल के हर दिन पर नक्षत्र, तिथि और वार के शास्त्रीय नियम लगाती हैं, और खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष, होलाष्टक और गुरु या शुक्र के अस्त होने के हफ़्ते छोड़ देती हैं। ये नियम पर खरे दिन बताती हैं, किसी एक व्यक्ति के लिए चुना गया समय नहीं।

सामान्य प्रश्न

  • राहु काल क्या है? उत्तर देखिए

    दिन का आठवाँ भाग, हर वार को अलग, जिसे परंपरा नया काम शुरू करने में छोड़ देती है। यह आपके स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से नापा जाता है, इसलिए हर शहर और हर दिन एक ही समय नहीं होता।

  • चौघड़िया क्या है? उत्तर देखिए

    दिन और रात दोनों लगभग डेढ़-डेढ़ घंटे के आठ भागों में बँटते हैं। हर भाग का नाम — अमृत, शुभ, लाभ, चर, रोग, काल या उद्वेग — वार से तय होता है। गुजरात और उत्तर भारत में यात्रा, व्यापार या ख़रीद का समय चुनने में इसका आम उपयोग है।

  • क्या इस सूची की तारीख़ मेरी शादी का मुहूर्त है? उत्तर देखिए

    यह ऐसा दिन है जो सामान्य नियमों पर खरा उतरता है। शादी का मुहूर्त दोनों की कुंडली भी देखता है — हर व्यक्ति के लिए चंद्रमा का बल और उस क्षण का लग्न — जो केवल आपकी कुंडली देखने वाला ज्योतिषी कर सकता है।

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