JeevanDrishti आपका जीवन। आपकी यात्रा। हमारी दृष्टि।

वाहन ख़रीद मुहूर्त 2026

आपके शहर के लिए आज का चौघड़िया, राहु काल और अभिजीत मुहूर्त, और साल के वे दिन जो विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति के शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं।

मुहूर्त लिखा कार्ड और पीतल का कलश

2026 में मुहूर्त की तारीख़ें

2026 में 96 दिन · New Delhi, India

जनवरी 2026

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
1 जन॰ गुरु 07:15 – 22:22 रोहिणी शुक्ल त्रयोदशी
2 जन॰ शुक्र 18:53 – 20:04 मृगशिरा पूर्णिमा
5 जन॰ सोम 07:15 – 13:25 पुष्य कृष्ण द्वितीया
9 जन॰ शुक्र 13:40 – 07:16 (10 जन॰) हस्त कृष्ण सप्तमी
12 जन॰ सोम 12:43 – 21:05 स्वाती कृष्ण दशमी
14 जन॰ बुध 07:16 – 03:03 (15 जन॰) अनुराधा कृष्ण एकादशी
19 जन॰ सोम 11:52 – 07:15 (20 जन॰) श्रवण शुक्ल प्रतिपदा
21 जन॰ बुध 07:14 – 02:47 (22 जन॰) धनिष्ठा शुक्ल तृतीया
28 जन॰ बुध 09:27 – 07:11 (29 जन॰) रोहिणी शुक्ल दशमी
29 जन॰ गुरु 07:11 – 05:29 (30 जन॰) रोहिणी शुक्ल एकादशी
30 जन॰ शुक्र 03:27 (31 जन॰) – 07:10 (31 जन॰) पुनर्वसु शुक्ल त्रयोदशी

फ़रवरी 2026

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
5 फ़र॰ गुरु 00:22 (6 फ़र॰) – 07:07 (6 फ़र॰) हस्त कृष्ण पंचमी
6 फ़र॰ शुक्र 07:07 – 07:06 (7 फ़र॰) हस्त कृष्ण पंचमी
11 फ़र॰ बुध 09:59 – 10:52 अनुराधा कृष्ण दशमी
18 फ़र॰ बुध 06:58 – 21:16 शतभिषा शुक्ल प्रतिपदा

मार्च 2026

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
5 मार्च गुरु 08:17 – 06:42 (6 मार्च) हस्त कृष्ण द्वितीया
6 मार्च शुक्र 06:42 – 17:53 हस्त कृष्ण तृतीया
9 मार्च सोम 16:11 – 06:37 (10 मार्च) अनुराधा कृष्ण षष्ठी
16 मार्च सोम 06:31 – 06:29 (17 मार्च) धनिष्ठा कृष्ण द्वादशी
19 मार्च गुरु 04:05 (20 मार्च) – 06:26 (20 मार्च) रेवती शुक्ल प्रतिपदा
20 मार्च शुक्र 06:26 – 06:25 (21 मार्च) रेवती शुक्ल द्वितीया
23 मार्च सोम 20:49 – 06:21 (24 मार्च) रोहिणी शुक्ल षष्ठी
25 मार्च बुध 06:20 – 13:50 मृगशिरा शुक्ल सप्तमी
27 मार्च शुक्र 10:07 – 06:17 (28 मार्च) पुनर्वसु शुक्ल दशमी

अप्रैल 2026

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
1 अप्रैल बुध 16:17 – 06:11 (2 अप्रैल) हस्त पूर्णिमा
2 अप्रैल गुरु 06:11 – 06:10 (3 अप्रैल) हस्त पूर्णिमा
3 अप्रैल शुक्र 06:10 – 06:09 (4 अप्रैल) चित्रा कृष्ण प्रतिपदा
6 अप्रैल सोम 14:11 – 02:56 (7 अप्रैल) अनुराधा कृष्ण पंचमी
13 अप्रैल सोम 05:59 – 05:58 (14 अप्रैल) धनिष्ठा कृष्ण एकादशी
17 अप्रैल शुक्र 17:21 – 05:53 (18 अप्रैल) अश्विनी शुक्ल प्रतिपदा
20 अप्रैल सोम 05:51 – 07:28
04:15 (21 अप्रैल) – 05:50 (21 अप्रैल)
रोहिणी शुक्ल तृतीया
22 अप्रैल बुध 22:13 – 05:48 (23 अप्रैल) पुनर्वसु शुक्ल षष्ठी
23 अप्रैल गुरु 05:48 – 20:49 पुनर्वसु शुक्ल सप्तमी
29 अप्रैल बुध 05:43 – 19:52 हस्त शुक्ल त्रयोदशी
30 अप्रैल गुरु 21:13 – 05:41 (1 मई) चित्रा पूर्णिमा

मई 2026

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
1 मई शुक्र 05:41 – 04:35 (2 मई) स्वाती पूर्णिमा
4 मई सोम 05:39 – 09:58 अनुराधा कृष्ण तृतीया
8 मई शुक्र 21:20 – 05:35 (9 मई) श्रवण कृष्ण सप्तमी
11 मई सोम 15:25 – 01:28 (12 मई) शतभिषा कृष्ण दशमी
13 मई बुध 00:17 (14 मई) – 05:32 (14 मई) रेवती कृष्ण द्वादशी
14 मई गुरु 05:32 – 05:31 (15 मई) रेवती कृष्ण द्वादशी
15 मई शुक्र 05:31 – 08:31 अश्विनी कृष्ण त्रयोदशी

जून 2026

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
15 जून सोम 08:24 – 19:08 मृगशिरा शुक्ल प्रतिपदा
17 जून बुध 05:24 – 21:39 पुनर्वसु शुक्ल तृतीया
24 जून बुध 05:25 – 05:26 (25 जून) चित्रा शुक्ल दशमी
25 जून गुरु 05:26 – 16:29 स्वाती शुक्ल एकादशी
26 जून शुक्र 19:16 – 05:26 (27 जून) अनुराधा शुक्ल द्वादशी

जुलाई 2026

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
2 जुल॰ गुरु 09:27 – 05:28 (3 जुल॰) श्रवण कृष्ण द्वितीया
3 जुल॰ शुक्र 05:28 – 11:20 श्रवण कृष्ण तृतीया
9 जुल॰ गुरु 10:38 – 14:56 अश्विनी कृष्ण दशमी
15 जुल॰ बुध 05:34 – 21:46 पुष्य शुक्ल प्रतिपदा
20 जुल॰ सोम 05:36 – 04:03 (21 जुल॰) हस्त शुक्ल सप्तमी
23 जुल॰ गुरु 01:42 (24 जुल॰) – 05:39 (24 जुल॰) अनुराधा शुक्ल दशमी
24 जुल॰ शुक्र 05:39 – 04:36 (25 जुल॰) अनुराधा शुक्ल दशमी
29 जुल॰ बुध 15:37 – 05:42 (30 जुल॰) श्रवण पूर्णिमा
30 जुल॰ गुरु 05:42 – 05:43 (31 जुल॰) श्रवण कृष्ण प्रतिपदा
31 जुल॰ शुक्र 05:43 – 05:43 (1 अग॰) धनिष्ठा कृष्ण द्वितीया

अगस्त 2026

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
3 अग॰ सोम 22:00 – 05:45 (4 अग॰) रेवती कृष्ण पंचमी
5 अग॰ बुध 05:45 – 20:42 अश्विनी कृष्ण सप्तमी
7 अग॰ शुक्र 18:43 – 05:47 (8 अग॰) रोहिणी कृष्ण दशमी
10 अग॰ सोम 12:27 – 04:54 (11 अग॰) पुनर्वसु कृष्ण त्रयोदशी
17 अग॰ सोम 05:52 – 05:52 (18 अग॰) चित्रा शुक्ल पंचमी
19 अग॰ बुध 05:53 – 06:47 स्वाती शुक्ल सप्तमी
26 अग॰ बुध 05:57 – 07:59 श्रवण शुक्ल त्रयोदशी
27 अग॰ गुरु 09:09 – 05:58 (28 अग॰) धनिष्ठा पूर्णिमा
28 अग॰ शुक्र 05:58 – 03:13 (29 अग॰) शतभिषा पूर्णिमा
31 अग॰ सोम 05:59 – 08:51 रेवती कृष्ण तृतीया

सितंबर 2026

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
3 सित॰ गुरु 00:29 (4 सित॰) – 02:25 (4 सित॰) रोहिणी कृष्ण सप्तमी
7 सित॰ सोम 06:03 – 06:03 (8 सित॰) पुनर्वसु कृष्ण एकादशी
14 सित॰ सोम 06:06 – 07:07 चित्रा शुक्ल तृतीया
16 सित॰ बुध 17:22 – 06:07 (17 सित॰) अनुराधा शुक्ल षष्ठी
17 सित॰ गुरु 06:07 – 19:53 अनुराधा शुक्ल षष्ठी
23 सित॰ बुध 06:10 – 06:11 (24 सित॰) श्रवण शुक्ल द्वादशी
24 सित॰ गुरु 06:11 – 23:18 धनिष्ठा शुक्ल त्रयोदशी

अक्तूबर 2026

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
12 अक्तू॰ सोम 06:21 – 23:52 स्वाती शुक्ल द्वितीया
14 अक्तू॰ बुध 01:13 (15 अक्तू॰) – 04:03 (15 अक्तू॰) अनुराधा शुक्ल पंचमी
21 अक्तू॰ बुध 06:26 – 06:27 (22 अक्तू॰) धनिष्ठा शुक्ल दशमी
22 अक्तू॰ गुरु 06:27 – 20:49 शतभिषा शुक्ल एकादशी
26 अक्तू॰ सोम 06:29 – 17:41 अश्विनी पूर्णिमा
28 अक्तू॰ बुध 13:26 – 01:07 (29 अक्तू॰) रोहिणी कृष्ण तृतीया
29 अक्तू॰ गुरु 22:10 – 06:32 (30 अक्तू॰) मृगशिरा कृष्ण पंचमी
30 अक्तू॰ शुक्र 06:32 – 09:04 मृगशिरा कृष्ण पंचमी

नवंबर 2026

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
5 नव॰ गुरु 03:56 (6 नव॰) – 06:37 (6 नव॰) हस्त कृष्ण द्वादशी
6 नव॰ शुक्र 06:37 – 06:38 (7 नव॰) हस्त कृष्ण द्वादशी
11 नव॰ बुध 06:41 – 11:38 अनुराधा शुक्ल द्वितीया
16 नव॰ सोम 06:45 – 04:20 (17 नव॰) श्रवण शुक्ल सप्तमी
25 नव॰ बुध 06:52 – 06:53 (26 नव॰) रोहिणी कृष्ण प्रतिपदा
26 नव॰ गुरु 06:53 – 17:47 मृगशिरा कृष्ण द्वितीया

दिसंबर 2026

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
3 दिस॰ गुरु 09:23 – 06:59 (4 दिस॰) हस्त कृष्ण दशमी
4 दिस॰ शुक्र 06:59 – 07:00 (5 दिस॰) हस्त कृष्ण एकादशी
14 दिस॰ सोम 07:06 – 07:07 (15 दिस॰) श्रवण शुक्ल पंचमी
16 दिस॰ बुध 07:07 – 14:02 शतभिषा शुक्ल सप्तमी
18 दिस॰ शुक्र 23:14 – 07:09 (19 दिस॰) रेवती शुक्ल दशमी
23 दिस॰ बुध 10:47 – 04:53 (24 दिस॰) मृगशिरा पूर्णिमा
24 दिस॰ गुरु 01:47 (25 दिस॰) – 07:12 (25 दिस॰) पुनर्वसु कृष्ण प्रतिपदा
25 दिस॰ शुक्र 07:12 – 07:12 (26 दिस॰) पुनर्वसु कृष्ण द्वितीया

छोड़ी गई अवधियाँ

  • होलाष्टक 24 फ़र॰ 2026 – 3 मार्च 2026
  • अधिक मास 17 मई 2026 – 15 जून 2026
  • पितृ पक्ष 25 सित॰ 2026 – 10 अक्तू॰ 2026

कौन-से नियम लिए गए

नक्षत्र अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा और रेवती; चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या छोड़कर कोई भी तिथि; सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार।

ये वे दिन हैं जिनके नक्षत्र, तिथि और वार ऊपर दिए शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं, उन अवधियों के बाहर जिनमें यह काम परंपरा से नहीं किया जाता। ग्रंथों और क्षेत्रों में नियम अलग-अलग हैं। आपके अपने काम का मुहूर्त आपकी कुंडली — और विवाह में दोनों की कुंडली — और उस क्षण का लग्न भी देखता है; सटीक समय कोई ज्योतिषी चुन सकता है।

अपने मुहूर्त के लिए ज्योतिषी से पूछें →

दूसरा स्थान

त्योहार और व्रत कैलेंडर पंचांग

यह क्या है

मुहूर्त वह समय है जिसे कोई काम शुरू करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस पेज के काल — चौघड़िया, राहु काल, यमगंड, गुलिक, अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त — दिन और रात के तय हिस्से हैं, जो आपके शहर के वास्तविक सूर्योदय और सूर्यास्त से नापे जाते हैं, इसलिए ये हर दिन और हर शहर में बदलते हैं।

विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति की तारीख़ें साल के हर दिन पर नक्षत्र, तिथि और वार के शास्त्रीय नियम लगाती हैं, और खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष, होलाष्टक और गुरु या शुक्र के अस्त होने के हफ़्ते छोड़ देती हैं। ये नियम पर खरे दिन बताती हैं, किसी एक व्यक्ति के लिए चुना गया समय नहीं।

सामान्य प्रश्न

  • राहु काल क्या है? उत्तर देखिए

    दिन का आठवाँ भाग, हर वार को अलग, जिसे परंपरा नया काम शुरू करने में छोड़ देती है। यह आपके स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से नापा जाता है, इसलिए हर शहर और हर दिन एक ही समय नहीं होता।

  • चौघड़िया क्या है? उत्तर देखिए

    दिन और रात दोनों लगभग डेढ़-डेढ़ घंटे के आठ भागों में बँटते हैं। हर भाग का नाम — अमृत, शुभ, लाभ, चर, रोग, काल या उद्वेग — वार से तय होता है। गुजरात और उत्तर भारत में यात्रा, व्यापार या ख़रीद का समय चुनने में इसका आम उपयोग है।

  • क्या इस सूची की तारीख़ मेरी शादी का मुहूर्त है? उत्तर देखिए

    यह ऐसा दिन है जो सामान्य नियमों पर खरा उतरता है। शादी का मुहूर्त दोनों की कुंडली भी देखता है — हर व्यक्ति के लिए चंद्रमा का बल और उस क्षण का लग्न — जो केवल आपकी कुंडली देखने वाला ज्योतिषी कर सकता है।

ज्योतिषी बुक करें