JeevanDrishti आपका जीवन। आपकी यात्रा। हमारी दृष्टि।

विवाह मुहूर्त 2028: शादी की तारीख़ें

आपके शहर के लिए आज का चौघड़िया, राहु काल और अभिजीत मुहूर्त, और साल के वे दिन जो विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति के शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं।

मुहूर्त लिखा कार्ड और पीतल का कलश

2028 में मुहूर्त की तारीख़ें

2028 में 28 दिन · New Delhi, India

जनवरी 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
17 जन॰ सोम 15:12 – 06:19 (18 जन॰) हस्त कृष्ण सप्तमी
31 जन॰ सोम 07:15 – 07:10 (1 फ़र॰) उत्तरा भाद्रपदा शुक्ल पंचमी

फ़रवरी 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
7 फ़र॰ सोम 07:07 – 11:09 मृगशिरा शुक्ल एकादशी
11 फ़र॰ शुक्र 16:46 – 22:01 मघा कृष्ण द्वितीया
14 फ़र॰ सोम 07:01 – 14:33 हस्त कृष्ण पंचमी
16 फ़र॰ बुध 07:00 – 12:26 स्वाती कृष्ण सप्तमी
28 फ़र॰ सोम 06:49 – 23:02 उत्तरा भाद्रपदा शुक्ल तृतीया

मार्च 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
3 मार्च शुक्र 20:11 – 02:44 (4 मार्च) रोहिणी शुक्ल सप्तमी

अप्रैल 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
27 अप्रैल गुरु 07:33 – 01:28 (28 अप्रैल) रोहिणी शुक्ल तृतीया
28 अप्रैल शुक्र 00:47 (29 अप्रैल) – 05:43 (29 अप्रैल) मृगशिरा शुक्ल पंचमी

मई 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
3 मई बुध 16:41 – 02:49 (4 मई) मघा शुक्ल दशमी
4 मई गुरु 01:01 (5 मई) – 05:38 (5 मई) उत्तरा फाल्गुनी शुक्ल एकादशी
5 मई शुक्र 05:38 – 05:37 (6 मई) उत्तरा फाल्गुनी शुक्ल एकादशी
10 मई बुध 05:34 – 15:53 अनुराधा कृष्ण द्वितीया
11 मई गुरु 15:55 – 21:52 मूला कृष्ण तृतीया
25 मई गुरु 12:54 – 05:26 (26 मई) रोहिणी शुक्ल द्वितीया
26 मई शुक्र 05:26 – 14:07 मृगशिरा शुक्ल द्वितीया

जून 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
8 जून गुरु 11:20 – 01:32 (9 जून) मूला कृष्ण द्वितीया
9 जून शुक्र 02:52 (10 जून) – 05:23 (10 जून) उत्तराषाढ़ा कृष्ण तृतीया
26 जून सोम 15:54 – 05:26 (27 जून) मघा शुक्ल पंचमी
28 जून बुध 12:23 – 05:27 (29 जून) उत्तरा फाल्गुनी शुक्ल सप्तमी
29 जून गुरु 05:27 – 06:46 उत्तरा फाल्गुनी शुक्ल सप्तमी

अक्तूबर 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
30 अक्तू॰ सोम 06:32 – 06:33 (31 अक्तू॰) उत्तरा भाद्रपदा शुक्ल द्वादशी

नवंबर 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
17 नव॰ शुक्र 16:25 – 22:02 अनुराधा शुक्ल द्वितीया
20 नव॰ सोम 21:19 – 06:49 (21 नव॰) उत्तराषाढ़ा शुक्ल पंचमी
27 नव॰ सोम 06:54 – 06:55 (28 नव॰) उत्तरा भाद्रपदा शुक्ल एकादशी

दिसंबर 2028

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
7 दिस॰ गुरु 02:00 (8 दिस॰) – 07:02 (8 दिस॰) मघा कृष्ण सप्तमी
8 दिस॰ शुक्र 07:02 – 17:59 मघा कृष्ण सप्तमी

छोड़ी गई अवधियाँ

  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 16 दिस॰ 2027 – 15 जन॰ 2028
  • होलाष्टक 4 मार्च 2028 – 11 मार्च 2028
  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 14 मार्च 2028 – 13 अप्रैल 2028
  • शुक्र अस्त (सूर्य से 10° के भीतर, वक्री में 8°) 27 मई 2028 – 6 जून 2028
  • चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी) 2 जुल॰ 2028 – 29 अक्तू॰ 2028
  • पितृ पक्ष 3 सित॰ 2028 – 18 सित॰ 2028
  • गुरु अस्त (सूर्य से 11° के भीतर) 16 सित॰ 2028 – 15 अक्तू॰ 2028
  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 15 दिस॰ 2028 – 14 जन॰ 2029

कौन-से नियम लिए गए

नक्षत्र रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद और रेवती; शुक्ल पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी से त्रयोदशी और कृष्ण पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी व सप्तमी; सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार।

ये वे दिन हैं जिनके नक्षत्र, तिथि और वार ऊपर दिए शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं, उन अवधियों के बाहर जिनमें यह काम परंपरा से नहीं किया जाता। ग्रंथों और क्षेत्रों में नियम अलग-अलग हैं। आपके अपने काम का मुहूर्त आपकी कुंडली — और विवाह में दोनों की कुंडली — और उस क्षण का लग्न भी देखता है; सटीक समय कोई ज्योतिषी चुन सकता है।

अपने मुहूर्त के लिए ज्योतिषी से पूछें →

दूसरा स्थान

त्योहार और व्रत कैलेंडर पंचांग

यह क्या है

मुहूर्त वह समय है जिसे कोई काम शुरू करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस पेज के काल — चौघड़िया, राहु काल, यमगंड, गुलिक, अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त — दिन और रात के तय हिस्से हैं, जो आपके शहर के वास्तविक सूर्योदय और सूर्यास्त से नापे जाते हैं, इसलिए ये हर दिन और हर शहर में बदलते हैं।

विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति की तारीख़ें साल के हर दिन पर नक्षत्र, तिथि और वार के शास्त्रीय नियम लगाती हैं, और खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष, होलाष्टक और गुरु या शुक्र के अस्त होने के हफ़्ते छोड़ देती हैं। ये नियम पर खरे दिन बताती हैं, किसी एक व्यक्ति के लिए चुना गया समय नहीं।

सामान्य प्रश्न

  • राहु काल क्या है? उत्तर देखिए

    दिन का आठवाँ भाग, हर वार को अलग, जिसे परंपरा नया काम शुरू करने में छोड़ देती है। यह आपके स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से नापा जाता है, इसलिए हर शहर और हर दिन एक ही समय नहीं होता।

  • चौघड़िया क्या है? उत्तर देखिए

    दिन और रात दोनों लगभग डेढ़-डेढ़ घंटे के आठ भागों में बँटते हैं। हर भाग का नाम — अमृत, शुभ, लाभ, चर, रोग, काल या उद्वेग — वार से तय होता है। गुजरात और उत्तर भारत में यात्रा, व्यापार या ख़रीद का समय चुनने में इसका आम उपयोग है।

  • क्या इस सूची की तारीख़ मेरी शादी का मुहूर्त है? उत्तर देखिए

    यह ऐसा दिन है जो सामान्य नियमों पर खरा उतरता है। शादी का मुहूर्त दोनों की कुंडली भी देखता है — हर व्यक्ति के लिए चंद्रमा का बल और उस क्षण का लग्न — जो केवल आपकी कुंडली देखने वाला ज्योतिषी कर सकता है।

ज्योतिषी बुक करें