संपत्ति ख़रीद मुहूर्त 2026
आपके शहर के लिए आज का चौघड़िया, राहु काल और अभिजीत मुहूर्त, और साल के वे दिन जो विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति के शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं।

2026 में मुहूर्त की तारीख़ें
2026 में 77 दिन · New Delhi, India
जनवरी 2026
| तारीख़ | समय | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 14 जन॰ बुध | 15:07 – 03:03 (15 जन॰) | अनुराधा | कृष्ण एकादशी |
| 15 जन॰ गुरु | 05:47 (16 जन॰) – 07:15 (16 जन॰) | मूला | कृष्ण त्रयोदशी |
| 16 जन॰ शुक्र | 07:15 – 22:22 | मूला | कृष्ण त्रयोदशी |
| 22 जन॰ गुरु | 02:28 (23 जन॰) – 07:14 (23 जन॰) | पूर्वा भाद्रपदा | शुक्ल पंचमी |
| 23 जन॰ शुक्र | 07:14 – 14:33 | पूर्वा भाद्रपदा | शुक्ल पंचमी |
| 29 जन॰ गुरु | 07:31 – 05:29 (30 जन॰) | मृगशिरा | शुक्ल एकादशी |
| 30 जन॰ शुक्र | 03:27 (31 जन॰) – 07:10 (31 जन॰) | पुनर्वसु | शुक्ल त्रयोदशी |
फ़रवरी 2026
| तारीख़ | समय | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 2 फ़र॰ सोम | 07:09 – 07:09 (3 फ़र॰) | आश्लेषा | कृष्ण प्रतिपदा |
| 4 फ़र॰ बुध | 07:08 – 22:12 | पूर्वा फाल्गुनी | कृष्ण तृतीया |
| 11 फ़र॰ बुध | 09:59 – 10:52 | अनुराधा | कृष्ण दशमी |
| 12 फ़र॰ गुरु | 13:42 – 07:02 (13 फ़र॰) | मूला | कृष्ण एकादशी |
| 13 फ़र॰ शुक्र | 07:02 – 07:01 (14 फ़र॰) | मूला | कृष्ण एकादशी |
| 18 फ़र॰ बुध | 21:16 – 06:57 (19 फ़र॰) | पूर्वा भाद्रपदा | शुक्ल द्वितीया |
| 19 फ़र॰ गुरु | 06:57 – 20:52 | पूर्वा भाद्रपदा | शुक्ल द्वितीया |
मार्च 2026
| तारीख़ | समय | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 4 मार्च बुध | 06:44 – 07:39 | पूर्वा फाल्गुनी | कृष्ण प्रतिपदा |
| 9 मार्च सोम | 06:38 – 06:37 (10 मार्च) | विशाखा | कृष्ण षष्ठी |
| 13 मार्च शुक्र | 06:34 – 03:03 (14 मार्च) | पूर्वाषाढ़ा | कृष्ण दशमी |
अप्रैल 2026
| तारीख़ | समय | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 15 अप्रैल बुध | 05:57 – 15:22 | पूर्वा भाद्रपदा | कृष्ण त्रयोदशी |
| 20 अप्रैल सोम | 04:15 (21 अप्रैल) – 05:50 (21 अप्रैल) | मृगशिरा | शुक्ल पंचमी |
| 22 अप्रैल बुध | 22:13 – 05:48 (23 अप्रैल) | पुनर्वसु | शुक्ल षष्ठी |
| 23 अप्रैल गुरु | 05:48 – 20:49 | पुनर्वसु | शुक्ल सप्तमी |
| 27 अप्रैल सोम | 05:45 – 21:18 | पूर्वा फाल्गुनी | शुक्ल एकादशी |
मई 2026
| तारीख़ | समय | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 1 मई शुक्र | 04:35 (2 मई) – 05:40 (2 मई) | विशाखा | कृष्ण प्रतिपदा |
| 4 मई सोम | 05:39 – 09:58 | अनुराधा | कृष्ण तृतीया |
| 6 मई बुध | 07:51 – 05:36 (7 मई) | मूला | कृष्ण पंचमी |
| 7 मई गुरु | 05:36 – 18:45 | पूर्वाषाढ़ा | कृष्ण पंचमी |
| 11 मई सोम | 01:28 (12 मई) – 05:33 (12 मई) | पूर्वा भाद्रपदा | कृष्ण दशमी |
| 13 मई बुध | 00:17 (14 मई) – 05:32 (14 मई) | रेवती | कृष्ण द्वादशी |
| 14 मई गुरु | 05:32 – 22:34 | रेवती | कृष्ण द्वादशी |
जून 2026
| तारीख़ | समय | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 15 जून सोम | 08:24 – 19:08 | मृगशिरा | शुक्ल प्रतिपदा |
| 17 जून बुध | 05:24 – 13:37 | पुनर्वसु | शुक्ल तृतीया |
| 18 जून गुरु | 18:59 – 05:24 (19 जून) | आश्लेषा | शुक्ल पंचमी |
| 19 जून शुक्र | 05:24 – 05:24 (20 जून) | आश्लेषा | शुक्ल पंचमी |
| 25 जून गुरु | 16:29 – 05:26 (26 जून) | विशाखा | शुक्ल एकादशी |
| 26 जून शुक्र | 05:26 – 05:26 (27 जून) | विशाखा | शुक्ल द्वादशी |
| 29 जून सोम | 05:27 – 05:27 (30 जून) | मूला | पूर्णिमा |
जुलाई 2026
| तारीख़ | समय | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 1 जुल॰ बुध | 05:27 – 06:51 | पूर्वाषाढ़ा | कृष्ण प्रतिपदा |
| 6 जुल॰ सोम | 05:29 – 16:07 | पूर्वा भाद्रपदा | कृष्ण षष्ठी |
| 15 जुल॰ बुध | 21:46 – 05:34 (16 जुल॰) | आश्लेषा | शुक्ल द्वितीया |
| 16 जुल॰ गुरु | 05:34 – 05:35 (17 जुल॰) | आश्लेषा | शुक्ल द्वितीया |
| 17 जुल॰ शुक्र | 05:35 – 06:28 04:43 (18 जुल॰) – 05:35 (18 जुल॰) |
मघा | शुक्ल तृतीया |
| 23 जुल॰ गुरु | 07:03 – 05:39 (24 जुल॰) | विशाखा | शुक्ल दशमी |
| 24 जुल॰ शुक्र | 05:39 – 04:36 (25 जुल॰) | अनुराधा | शुक्ल दशमी |
| 27 जुल॰ सोम | 05:40 – 16:15 | मूला | शुक्ल त्रयोदशी |
अगस्त 2026
| तारीख़ | समय | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 3 अग॰ सोम | 22:00 – 05:45 (4 अग॰) | रेवती | कृष्ण पंचमी |
| 10 अग॰ सोम | 12:27 – 04:54 (11 अग॰) | पुनर्वसु | कृष्ण त्रयोदशी |
| 12 अग॰ बुध | 23:06 – 05:50 (13 अग॰) | आश्लेषा | शुक्ल प्रतिपदा |
| 13 अग॰ गुरु | 05:50 – 05:50 (14 अग॰) | आश्लेषा | शुक्ल प्रतिपदा |
| 14 अग॰ शुक्र | 05:50 – 03:42 (15 अग॰) | पूर्वा फाल्गुनी | शुक्ल द्वितीया |
| 19 अग॰ बुध | 06:47 – 19:20 | विशाखा | शुक्ल सप्तमी |
| 24 अग॰ सोम | 05:56 – 20:28 | पूर्वाषाढ़ा | शुक्ल द्वादशी |
| 28 अग॰ शुक्र | 03:13 (29 अग॰) – 05:58 (29 अग॰) | पूर्वा भाद्रपदा | कृष्ण प्रतिपदा |
| 31 अग॰ सोम | 05:59 – 08:51 | रेवती | कृष्ण तृतीया |
सितंबर 2026
| तारीख़ | समय | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 7 सित॰ सोम | 06:03 – 18:14 | पुनर्वसु | कृष्ण एकादशी |
| 9 सित॰ बुध | 06:04 – 12:31 | आश्लेषा | कृष्ण त्रयोदशी |
| 11 सित॰ शुक्र | 08:57 – 13:16 | पूर्वा फाल्गुनी | शुक्ल प्रतिपदा |
| 16 सित॰ बुध | 06:07 – 06:07 (17 सित॰) | विशाखा | शुक्ल पंचमी |
| 17 सित॰ गुरु | 06:07 – 19:53 | अनुराधा | शुक्ल षष्ठी |
अक्तूबर 2026
| तारीख़ | समय | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 12 अक्तू॰ सोम | 23:52 – 06:21 (13 अक्तू॰) | विशाखा | शुक्ल तृतीया |
| 14 अक्तू॰ बुध | 01:13 (15 अक्तू॰) – 04:03 (15 अक्तू॰) | अनुराधा | शुक्ल पंचमी |
| 16 अक्तू॰ शुक्र | 06:47 – 06:24 (17 अक्तू॰) | मूला | शुक्ल षष्ठी |
| 22 अक्तू॰ गुरु | 20:49 – 06:27 (23 अक्तू॰) | पूर्वा भाद्रपदा | शुक्ल द्वादशी |
| 23 अक्तू॰ शुक्र | 06:27 – 21:03 | पूर्वा भाद्रपदा | शुक्ल द्वादशी |
| 29 अक्तू॰ गुरु | 22:10 – 06:32 (30 अक्तू॰) | मृगशिरा | कृष्ण पंचमी |
| 30 अक्तू॰ शुक्र | 06:32 – 09:04 | मृगशिरा | कृष्ण पंचमी |
नवंबर 2026
| तारीख़ | समय | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 4 नव॰ बुध | 06:36 – 03:30 (5 नव॰) | पूर्वा फाल्गुनी | कृष्ण दशमी |
| 9 नव॰ सोम | 12:32 – 06:40 (10 नव॰) | विशाखा | शुक्ल प्रतिपदा |
| 11 नव॰ बुध | 06:41 – 11:38 | अनुराधा | शुक्ल द्वितीया |
| 12 नव॰ गुरु | 14:19 – 18:09 | मूला | शुक्ल तृतीया |
| 13 नव॰ शुक्र | 20:43 – 06:43 (14 नव॰) | पूर्वाषाढ़ा | शुक्ल पंचमी |
| 19 नव॰ गुरु | 07:06 – 06:48 (20 नव॰) | पूर्वा भाद्रपदा | शुक्ल दशमी |
| 25 नव॰ बुध | 20:36 – 06:53 (26 नव॰) | मृगशिरा | कृष्ण द्वितीया |
| 26 नव॰ गुरु | 06:53 – 17:47 | मृगशिरा | कृष्ण द्वितीया |
| 30 नव॰ सोम | 06:56 – 00:12 (1 दिस॰) | आश्लेषा | कृष्ण सप्तमी |
दिसंबर 2026
| तारीख़ | समय | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 9 दिस॰ बुध | 21:00 – 07:03 (10 दिस॰) | मूला | शुक्ल प्रतिपदा |
| 10 दिस॰ गुरु | 07:03 – 07:04 (11 दिस॰) | मूला | शुक्ल प्रतिपदा |
| 11 दिस॰ शुक्र | 07:04 – 03:04 (12 दिस॰) | पूर्वाषाढ़ा | शुक्ल द्वितीया |
छोड़ी गई अवधियाँ
- खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 16 दिस॰ 2025 – 14 जन॰ 2026
- होलाष्टक 24 फ़र॰ 2026 – 3 मार्च 2026
- खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026
- अधिक मास 17 मई 2026 – 15 जून 2026
- पितृ पक्ष 25 सित॰ 2026 – 10 अक्तू॰ 2026
- खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 16 दिस॰ 2026 – 14 जन॰ 2027
कौन-से नियम लिए गए
नक्षत्र मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, विशाखा, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, पूर्वा भाद्रपद और रेवती; चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या छोड़कर कोई भी तिथि; सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार।
ये वे दिन हैं जिनके नक्षत्र, तिथि और वार ऊपर दिए शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं, उन अवधियों के बाहर जिनमें यह काम परंपरा से नहीं किया जाता। ग्रंथों और क्षेत्रों में नियम अलग-अलग हैं। आपके अपने काम का मुहूर्त आपकी कुंडली — और विवाह में दोनों की कुंडली — और उस क्षण का लग्न भी देखता है; सटीक समय कोई ज्योतिषी चुन सकता है।
दूसरा स्थान
यह क्या है
मुहूर्त वह समय है जिसे कोई काम शुरू करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस पेज के काल — चौघड़िया, राहु काल, यमगंड, गुलिक, अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त — दिन और रात के तय हिस्से हैं, जो आपके शहर के वास्तविक सूर्योदय और सूर्यास्त से नापे जाते हैं, इसलिए ये हर दिन और हर शहर में बदलते हैं।
विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति की तारीख़ें साल के हर दिन पर नक्षत्र, तिथि और वार के शास्त्रीय नियम लगाती हैं, और खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष, होलाष्टक और गुरु या शुक्र के अस्त होने के हफ़्ते छोड़ देती हैं। ये नियम पर खरे दिन बताती हैं, किसी एक व्यक्ति के लिए चुना गया समय नहीं।
सामान्य प्रश्न
-
राहु काल क्या है? उत्तर देखिए
दिन का आठवाँ भाग, हर वार को अलग, जिसे परंपरा नया काम शुरू करने में छोड़ देती है। यह आपके स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से नापा जाता है, इसलिए हर शहर और हर दिन एक ही समय नहीं होता।
-
चौघड़िया क्या है? उत्तर देखिए
दिन और रात दोनों लगभग डेढ़-डेढ़ घंटे के आठ भागों में बँटते हैं। हर भाग का नाम — अमृत, शुभ, लाभ, चर, रोग, काल या उद्वेग — वार से तय होता है। गुजरात और उत्तर भारत में यात्रा, व्यापार या ख़रीद का समय चुनने में इसका आम उपयोग है।
-
क्या इस सूची की तारीख़ मेरी शादी का मुहूर्त है? उत्तर देखिए
यह ऐसा दिन है जो सामान्य नियमों पर खरा उतरता है। शादी का मुहूर्त दोनों की कुंडली भी देखता है — हर व्यक्ति के लिए चंद्रमा का बल और उस क्षण का लग्न — जो केवल आपकी कुंडली देखने वाला ज्योतिषी कर सकता है।