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विवाह मुहूर्त 2027: शादी की तारीख़ें

आपके शहर के लिए आज का चौघड़िया, राहु काल और अभिजीत मुहूर्त, और साल के वे दिन जो विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति के शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं।

मुहूर्त लिखा कार्ड और पीतल का कलश

2027 में मुहूर्त की तारीख़ें

2027 में 33 दिन · New Delhi, India

जनवरी 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
14 जन॰ गुरु 21:10 – 07:16 (15 जन॰) उत्तरा भाद्रपदा शुक्ल सप्तमी
15 जन॰ शुक्र 07:16 – 14:13 रेवती शुक्ल सप्तमी
18 जन॰ सोम 21:05 – 07:15 (19 जन॰) रोहिणी शुक्ल एकादशी
20 जन॰ बुध 07:15 – 16:17 मृगशिरा शुक्ल त्रयोदशी
25 जन॰ सोम 06:00 (26 जन॰) – 07:13 (26 जन॰) उत्तरा फाल्गुनी कृष्ण पंचमी
28 जन॰ गुरु 00:32 (29 जन॰) – 04:03 (29 जन॰) स्वाती कृष्ण सप्तमी

फ़रवरी 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
10 फ़र॰ बुध 03:05 (11 फ़र॰) – 07:04 (11 फ़र॰) उत्तरा भाद्रपदा शुक्ल पंचमी
11 फ़र॰ गुरु 07:04 – 03:18 (12 फ़र॰) रेवती शुक्ल पंचमी
15 फ़र॰ सोम 22:44 – 07:00 (16 फ़र॰) रोहिणी शुक्ल दशमी
22 फ़र॰ सोम 11:55 – 06:53 (23 फ़र॰) उत्तरा फाल्गुनी कृष्ण द्वितीया
25 फ़र॰ गुरु 09:33 – 20:18 स्वाती कृष्ण पंचमी

मार्च 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
10 मार्च बुध 06:38 – 06:37 (11 मार्च) उत्तरा भाद्रपदा शुक्ल द्वितीया
11 मार्च गुरु 06:37 – 11:20 रेवती शुक्ल तृतीया

अप्रैल 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
16 अप्रैल शुक्र 08:18 – 05:55 (17 अप्रैल) मघा शुक्ल दशमी
21 अप्रैल बुध 03:30 (22 अप्रैल) – 04:44 (22 अप्रैल) स्वाती कृष्ण द्वितीया
23 अप्रैल शुक्र 05:49 – 04:21 (24 अप्रैल) अनुराधा कृष्ण तृतीया
26 अप्रैल सोम 05:46 – 07:37 मूला कृष्ण पंचमी
28 अप्रैल बुध 05:44 – 12:31 उत्तराषाढ़ा कृष्ण सप्तमी

मई 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
7 मई शुक्र 23:42 – 05:36 (8 मई) रोहिणी शुक्ल द्वितीया
17 मई सोम 05:30 – 11:29 हस्त शुक्ल द्वादशी
24 मई सोम 22:59 – 05:26 (25 मई) उत्तराषाढ़ा कृष्ण पंचमी

जून 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
10 जून गुरु 07:11 – 18:24 मघा शुक्ल सप्तमी
14 जून सोम 17:28 – 05:24 (15 जून) स्वाती शुक्ल एकादशी
16 जून बुध 19:44 – 03:20 (17 जून) अनुराधा शुक्ल त्रयोदशी
21 जून सोम 05:24 – 05:25 (22 जून) उत्तराषाढ़ा कृष्ण द्वितीया

नवंबर 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
10 नव॰ बुध 09:11 – 06:41 (11 नव॰) उत्तरा भाद्रपदा शुक्ल द्वादशी
11 नव॰ गुरु 06:41 – 06:42 (12 नव॰) उत्तरा भाद्रपदा शुक्ल द्वादशी
12 नव॰ शुक्र 06:42 – 07:55 रेवती शुक्ल त्रयोदशी
15 नव॰ सोम 07:28 – 06:45 (16 नव॰) रोहिणी कृष्ण द्वितीया
29 नव॰ सोम 19:47 – 06:56 (30 नव॰) मूला शुक्ल द्वितीया

दिसंबर 2027

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
2 दिस॰ गुरु 13:44 – 02:30 (3 दिस॰) उत्तराषाढ़ा शुक्ल पंचमी
8 दिस॰ बुध 07:02 – 07:03 (9 दिस॰) उत्तरा भाद्रपदा शुक्ल दशमी
9 दिस॰ गुरु 07:03 – 17:27 रेवती शुक्ल एकादशी

छोड़ी गई अवधियाँ

  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 16 दिस॰ 2026 – 14 जन॰ 2027
  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027
  • होलाष्टक 15 मार्च 2027 – 22 मार्च 2027
  • शुक्र अस्त (सूर्य से 10° के भीतर, वक्री में 8°) 7 जुल॰ 2027 – 18 सित॰ 2027
  • चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी) 13 जुल॰ 2027 – 10 नव॰ 2027
  • गुरु अस्त (सूर्य से 11° के भीतर) 17 अग॰ 2027 – 15 सित॰ 2027
  • पितृ पक्ष 15 सित॰ 2027 – 30 सित॰ 2027
  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 16 दिस॰ 2027 – 15 जन॰ 2028

कौन-से नियम लिए गए

नक्षत्र रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद और रेवती; शुक्ल पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी से त्रयोदशी और कृष्ण पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी व सप्तमी; सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार।

ये वे दिन हैं जिनके नक्षत्र, तिथि और वार ऊपर दिए शास्त्रीय नियमों पर खरे उतरते हैं, उन अवधियों के बाहर जिनमें यह काम परंपरा से नहीं किया जाता। ग्रंथों और क्षेत्रों में नियम अलग-अलग हैं। आपके अपने काम का मुहूर्त आपकी कुंडली — और विवाह में दोनों की कुंडली — और उस क्षण का लग्न भी देखता है; सटीक समय कोई ज्योतिषी चुन सकता है।

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दूसरा स्थान

त्योहार और व्रत कैलेंडर पंचांग

यह क्या है

मुहूर्त वह समय है जिसे कोई काम शुरू करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस पेज के काल — चौघड़िया, राहु काल, यमगंड, गुलिक, अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त — दिन और रात के तय हिस्से हैं, जो आपके शहर के वास्तविक सूर्योदय और सूर्यास्त से नापे जाते हैं, इसलिए ये हर दिन और हर शहर में बदलते हैं।

विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति की तारीख़ें साल के हर दिन पर नक्षत्र, तिथि और वार के शास्त्रीय नियम लगाती हैं, और खरमास, चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष, होलाष्टक और गुरु या शुक्र के अस्त होने के हफ़्ते छोड़ देती हैं। ये नियम पर खरे दिन बताती हैं, किसी एक व्यक्ति के लिए चुना गया समय नहीं।

सामान्य प्रश्न

  • राहु काल क्या है? उत्तर देखिए

    दिन का आठवाँ भाग, हर वार को अलग, जिसे परंपरा नया काम शुरू करने में छोड़ देती है। यह आपके स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से नापा जाता है, इसलिए हर शहर और हर दिन एक ही समय नहीं होता।

  • चौघड़िया क्या है? उत्तर देखिए

    दिन और रात दोनों लगभग डेढ़-डेढ़ घंटे के आठ भागों में बँटते हैं। हर भाग का नाम — अमृत, शुभ, लाभ, चर, रोग, काल या उद्वेग — वार से तय होता है। गुजरात और उत्तर भारत में यात्रा, व्यापार या ख़रीद का समय चुनने में इसका आम उपयोग है।

  • क्या इस सूची की तारीख़ मेरी शादी का मुहूर्त है? उत्तर देखिए

    यह ऐसा दिन है जो सामान्य नियमों पर खरा उतरता है। शादी का मुहूर्त दोनों की कुंडली भी देखता है — हर व्यक्ति के लिए चंद्रमा का बल और उस क्षण का लग्न — जो केवल आपकी कुंडली देखने वाला ज्योतिषी कर सकता है।

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